PM Vishwakarma Yojana 2026: देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और बाजार से जुड़ी सहायता देने के लिए केंद्र सरकार की PM Vishwakarma Scheme चलाई जा रही है। योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को हुई थी और इसमें हाथ तथा पारंपरिक औजारों से काम करने वाले 18 प्रकार के कारीगरों को शामिल किया गया है।
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16 सितंबर 2026 के सरकारी अपडेट के अनुसार, योजना ने 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, बिना जमानत ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
PM Vishwakarma Yojana 2026 Latest Update
सरकार के 16 सितंबर 2026 के अपडेट के अनुसार 15 सितंबर 2026 तक 24.37 लाख से अधिक कारीगर Basic Skill Training पूरी कर चुके थे और 18.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को टूलकिट मिल चुके थे।
इसी अवधि तक योजना के तहत 6.19 लाख से अधिक लोन स्वीकृत किए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि करीब ₹5,316 करोड़ थी। डिजिटल लेनदेन के लिए 8.11 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रोत्साहन मिला और ₹42 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई।
PM Vishwakarma Yojana 2026 के प्रमुख आंकड़े
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना शुरू | 17 सितंबर 2023 |
| कुल अवधि | FY 2023-24 से FY 2027-28 |
| कुल परिव्यय | ₹13,000 करोड़ |
| पारंपरिक ट्रेड | 18 |
| पंजीकरण लक्ष्य | 30 लाख |
| पंजीकरण लक्ष्य | 2026 में हासिल |
| टूलकिट सहायता | ₹15,000 तक |
| पहला लोन | ₹1 लाख तक |
| दूसरा लोन | ₹2 लाख तक |
| कुल लोन | ₹3 लाख तक |
| ब्याज दर | 5% |
| Basic Training | 5–7 दिन |
| Advanced Training | 15 दिन या अधिक |
| प्रशिक्षण वजीफा | ₹500 प्रतिदिन |
क्या है PM Vishwakarma Yojana?
PM Vishwakarma Yojana केंद्र सरकार की Central Sector Scheme है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना और उनके व्यवसाय को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना में कारीगरों को केवल लोन ही नहीं, बल्कि पहचान, प्रशिक्षण, टूलकिट, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं एक ही योजना के तहत देने का प्रावधान है।
PM Vishwakarma Yojana के प्रमुख लाभ
1. PM Vishwakarma Certificate और ID Card
पंजीकरण और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card प्रदान किया जाता है।
इससे कारीगर की पारंपरिक कला और व्यवसाय को औपचारिक पहचान मिलती है।
2. ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता
पात्र लाभार्थियों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक की Toolkit Incentive दी जाती है।
यह सहायता e-voucher के माध्यम से दी जाती है और इसका उद्देश्य कारीगरों को बेहतर एवं आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना है।
3. ₹500 प्रतिदिन प्रशिक्षण वजीफा
PM Vishwakarma के तहत कारीगरों को Basic और Advanced Training दी जाती है।
- Basic Training: 5–7 दिन
- Advanced Training: 15 दिन या उससे अधिक
- प्रशिक्षण के दौरान वजीफा: ₹500 प्रतिदिन
प्रशिक्षण में आधुनिक औजारों के इस्तेमाल के साथ डिजिटल लेनदेन, मार्केटिंग और उद्यमिता से संबंधित जानकारी भी दी जाती है।
PM Vishwakarma Loan: ₹3 लाख तक बिना जमानत ऋण
योजना की प्रमुख सुविधाओं में Collateral-Free Enterprise Development Loan शामिल है।
यह लोन दो चरणों में दिया जाता है:
| चरण | लोन राशि | अवधि | प्रमुख शर्त |
|---|---|---|---|
| पहला चरण | ₹1 लाख तक | 18 महीने | Basic Training पूरी करना |
| दूसरा चरण | ₹2 लाख तक | 30 महीने | पहला लोन चुकाना तथा निर्धारित शर्तें पूरी करना |
यानी पात्र लाभार्थी को दोनों चरणों में कुल ₹3 लाख तक का ऋण मिल सकता है। ऋण पर लाभार्थी के लिए निर्धारित रियायती ब्याज दर 5% है, जबकि सरकार द्वारा 8% तक interest subvention का प्रावधान है।
दूसरे लोन के लिए क्या जरूरी है?
दूसरी किश्त के लिए सामान्यतः पहली किश्त का सफल पुनर्भुगतान और निर्धारित अतिरिक्त शर्तों में से संबंधित शर्त पूरी करना जरूरी है। इसमें डिजिटल लेनदेन अपनाना या Advanced Training पूरी करना शामिल है।
PM Vishwakarma में ₹1 डिजिटल पेमेंट Incentive
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रत्येक eligible digital payout या receipt के लिए ₹1 का प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
यह सुविधा अधिकतम 100 eligible transactions प्रति माह तक है।
इसका उद्देश्य कारीगरों को डिजिटल भुगतान अपनाने और अपने व्यवसाय को औपचारिक आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने में सहायता करना है।
PM Vishwakarma Yojana में कौन आवेदन कर सकता है?
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार मुख्य पात्रता शर्तों में शामिल हैं:
- आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक 18 निर्धारित पारंपरिक ट्रेड में से किसी एक में काम करता हो।
- काम मुख्य रूप से हाथ और औजारों से किया जाता हो।
- व्यक्ति असंगठित क्षेत्र में self-employment के आधार पर काम करता हो।
- पिछले 5 वर्षों में समान प्रकार की self-employment/business development सरकारी credit scheme का लोन नहीं लिया होना चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक सदस्य को लाभ मिल सकता है।
- परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
- सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य योजना के पात्र नहीं हैं।
नोट: पात्रता की अंतिम जांच योजना की आधिकारिक verification प्रक्रिया के अनुसार होती है।
PM Vishwakarma Yojana में कौन-कौन से 18 काम शामिल हैं?
PM Vishwakarma योजना में निम्नलिखित 18 traditional trades शामिल हैं:
- बढ़ई (Carpenter)
- नाव बनाने वाला (Boat Maker)
- अस्त्र/कवच बनाने वाला (Armourer)
- लोहार/धातु कारीगर (Metal Artisan)
- हथौड़ा एवं टूल किट निर्माता
- ताला बनाने वाला (Locksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार/पत्थर का काम करने वाला
- मोची/फुटवियर कारीगर
- राजमिस्त्री (Mason)
- टोकरी/चटाई/झाड़ू/कॉयर बुनकर
- पारंपरिक खिलौना एवं गुड़िया बनाने वाला
- नाई (Barber)
- माला बनाने वाला (Garland Maker)
- धोबी (Washerman)
- दर्जी (Tailor)
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला
इन 18 trades की सूची सरकार के नवीनतम PM Vishwakarma अपडेट में दी गई है।
PM Vishwakarma Yojana में आवेदन कैसे करें?
PM Vishwakarma के लिए registration Common Service Centres (CSC) के माध्यम से किया जाता है। सरकारी जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में Aadhaar authentication और निर्धारित verification शामिल है।
आवेदन की सामान्य प्रक्रिया
Step 1: नजदीकी CSC पर जाएं।
Step 2: आधार और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।
Step 3: जिस पारंपरिक ट्रेड में काम करते हैं, उसकी जानकारी दें।
Step 4: CSC के माध्यम से registration और Aadhaar authentication पूरा कराया जाएगा।
Step 5: आवेदन के बाद ग्राम पंचायत/Urban Local Body स्तर पर verification होगा।
Step 6: इसके बाद District Implementation Committee द्वारा vetting/recommendation और Screening Committee द्वारा approval की प्रक्रिया होती है।
PM Vishwakarma में तीन स्तर पर Verification
योजना में लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के लिए तीन स्तर की प्रक्रिया है:
पहला स्तर: ग्राम पंचायत या Urban Local Body द्वारा verification।
दूसरा स्तर: District Implementation Committee द्वारा vetting और recommendation।
तीसरा स्तर: Screening Committee द्वारा approval।
इस प्रक्रिया के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना के निर्धारित लाभ प्राप्त हो सकते हैं।
PM Vishwakarma में Udyam Assist का क्या फायदा है?
PM Vishwakarma लाभार्थियों को Udyam Assist Platform पर onboard करने की भी व्यवस्था है।
इसका उद्देश्य अनौपचारिक micro enterprises को औपचारिक MSME ecosystem से जोड़ना और उन्हें Udyam Registration Number तथा certificate उपलब्ध कराने में सहायता करना है। इससे पात्र उद्यमियों को लागू सरकारी सुविधाओं और formal finance तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
PM Vishwakarma में Marketing Support
योजना में केवल प्रशिक्षण और ऋण ही नहीं बल्कि बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर है।
कारीगरों को निम्न माध्यमों से marketing support दिया जा सकता है:
- Trade Fairs
- Exhibitions
- State-level Exhibitions
- Branding
- Product Promotion
- Quality Certification
- E-commerce platforms
- GeM जैसे digital marketplaces
सितंबर 2026 के सरकारी अपडेट के अनुसार 30,000 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न e-commerce platforms पर onboard किया जा चुका था।
PM Vishwakarma Yojana 2026 की प्रगति
15 सितंबर 2026 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 24.37 लाख से अधिक कारीगरों ने Basic Skill Training पूरी की।
- 18.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को toolkits मिल चुके थे।
- 6.19 लाख से अधिक loans sanction हुए।
- इन loans की कुल राशि करीब ₹5,316 करोड़ थी।
- 8.11 लाख से अधिक लाभार्थियों को digital incentives मिले।
- Digital incentive के रूप में ₹42 करोड़ से अधिक वितरित किए गए।
- 12,000 से अधिक कारीगरों को AI tools के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया।
ये आंकड़े 15 सितंबर 2026 तक की स्थिति दर्शाते हैं और आगे बदल सकते हैं।
PM Vishwakarma Yojana से आम कारीगर को क्या फायदा हो सकता है?
योजना का ढांचा कारीगर को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय उसके पूरे व्यवसाय को मजबूत करने पर केंद्रित है।
उदाहरण के लिए एक दर्जी को:
- PM Vishwakarma ID
- कौशल प्रशिक्षण
- आधुनिक टूलकिट
- कम ब्याज पर निर्धारित ऋण सुविधा
- डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन
- बाजार और branding support
जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है, यदि वह योजना की पात्रता और verification प्रक्रिया पूरी करता है।
PM Vishwakarma Yojana 2026 FAQ
1. PM Vishwakarma Yojana क्या है?
यह पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें skill training, toolkit, credit, digital incentive और marketing support जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
2. PM Vishwakarma में कितने रुपये की टूलकिट मिलती है?
पात्र लाभार्थियों को ₹15,000 तक की modern toolkit incentive दी जाती है।
3. PM Vishwakarma में कितना लोन मिलता है?
दो चरणों में कुल ₹3 लाख तक collateral-free loan का प्रावधान है—पहली किश्त ₹1 लाख तक और दूसरी किश्त ₹2 लाख तक।
4. PM Vishwakarma Loan पर ब्याज कितना है?
लाभार्थी के लिए निर्धारित concessional interest rate 5% है। सरकार 8% तक interest subvention प्रदान करती है।
5. PM Vishwakarma में ट्रेनिंग के दौरान कितना पैसा मिलता है?
Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन stipend दिया जाता है। Basic Training 5–7 दिन और Advanced Training 15 दिन या उससे अधिक हो सकती है।
6. PM Vishwakarma में आवेदन कहां करें?
Registration Common Service Centre (CSC) के माध्यम से किया जाता है।
7. क्या दर्जी PM Vishwakarma Yojana में आवेदन कर सकता है?
हां, Tailor (दर्जी) योजना में शामिल 18 notified traditional trades में से एक है, लेकिन अन्य पात्रता और verification शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
8. क्या राजमिस्त्री PM Vishwakarma में शामिल है?
हां। Mason (राजमिस्त्री) योजना के 18 पारंपरिक ट्रेड में शामिल है।
निष्कर्ष
PM Vishwakarma Yojana 2026 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल, आधुनिक औजार, संस्थागत ऋण और बाजार से जोड़ने वाली केंद्र सरकार की योजना है। 16 सितंबर 2026 के सरकारी अपडेट के अनुसार योजना ने 30 लाख लाभार्थियों के registration target को हासिल कर लिया है।
योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹15,000 तक toolkit incentive, ₹500 प्रतिदिन training stipend और दो चरणों में ₹3 लाख तक collateral-free enterprise development loan का प्रावधान है।
आवेदन या लाभ लेने से पहले अपनी पात्रता और verification की स्थिति की जानकारी CSC तथा PM Vishwakarma के आधिकारिक पोर्टल से ही जांचें।