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पूरक पोषाहार कार्यक्रम झारखण्ड (Supplementary Nutrition Programme – SNP) आंगनबाड़ी सेवाओं के माध्यम से बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य कुपोषण को कम करना, बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना तथा गर्भवती और धात्री महिलाओं सहित पात्र लाभार्थियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराना है।
झारखंड में यह व्यवस्था मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत संचालित पोषण सेवाओं से जुड़ी हुई है। झारखंड महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की वेबसाइट पर 2026 में SNP तथा किशोरी बालिकाओं के लिए Take Home Ration के रूप में Micronutrient Fortified Food और/या Energy Dense Food की आपूर्ति से संबंधित आदेश भी उपलब्ध है।
इस लेख में जानेंगे कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम क्या है, किसे लाभ मिलता है, आंगनबाड़ी से क्या पोषण सहायता मिल सकती है, Take Home Ration क्या है और लाभ लेने के लिए क्या करना होता है।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम क्या है?
पूरक पोषाहार कार्यक्रम यानी Supplementary Nutrition Programme (SNP) ऐसी पोषण सहायता व्यवस्था है जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को उनके सामान्य भोजन के अतिरिक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है।
आंगनबाड़ी सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों तथा अन्य पात्र लाभार्थियों तक पोषण सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य है:
- बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना
- कुपोषण को कम करने में सहायता करना
- बच्चों के शारीरिक विकास में सहयोग करना
- गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण सहायता देना
- आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण सेवाएं उपलब्ध कराना
- जरूरत के अनुसार Take Home Ration उपलब्ध कराना
झारखंड सरकार का महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग महिलाओं और बच्चों की देखभाल, संरक्षण एवं विकास के लिए राज्य का प्रमुख विभाग है।
झारखंड में पूरक पोषाहार कार्यक्रम किस विभाग के अंतर्गत आता है?
झारखंड में पूरक पोषाहार और आंगनबाड़ी से संबंधित सेवाएं मुख्य रूप से:
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार
के अंतर्गत आती हैं।
वर्तमान व्यवस्था Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 से जुड़ी हुई है।
सरकारी दस्तावेजों में Supplementary Nutrition Programme यानी SNP तथा Take Home Ration (THR) का उल्लेख किया गया है।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम के लाभार्थी कौन हो सकते हैं?
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की श्रेणी संबंधित आंगनबाड़ी/पोषण सेवाओं के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होती है।
आम तौर पर आंगनबाड़ी आधारित पोषण सेवाओं में निम्न वर्गों को शामिल किया जाता है:
- छोटे बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- धात्री महिलाएं
- निर्धारित आयु वर्ग के बच्चे
- किशोरियों के लिए लागू संबंधित पोषण कार्यक्रमों के लाभार्थी
महत्वपूर्ण: प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाला पोषण आहार, मात्रा और वितरण का तरीका संबंधित सरकारी दिशा-निर्देश तथा स्थानीय कार्यान्वयन के अनुसार अलग हो सकता है।
3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए पोषण आहार
झारखंड सरकार के एक आधिकारिक संकल्प में 3–6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर Hot Cooked Meal उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। इसमें सुबह का नाश्ता और गर्म ताजा पोषाहार शामिल किया गया था।
इस व्यवस्था में पोषण मानक भी निर्धारित किए गए थे।
आधिकारिक संकल्प के अनुसार Hot Cooked Meal के लिए 500 Kcal कैलोरी और 12–15 ग्राम प्रोटीन के पोषण मानक का प्रावधान बताया गया है।
इसका उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं बल्कि बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना है।
आंगनबाड़ी केंद्र पर क्या पोषण सहायता मिलती है?
आंगनबाड़ी आधारित पोषण सेवाओं में स्थानीय व्यवस्था और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग प्रकार की पोषण सहायता हो सकती है।
उदाहरण के लिए:
- गर्म ताजा भोजन
- सुबह का नाश्ता
- पोषक खाद्य सामग्री
- Take Home Ration
- Micronutrient Fortified Food
- Energy Dense Food
झारखंड सरकार की 2026 की सूचना में SNP तथा किशोरी बालिकाओं के लिए योजना के तहत Take Home Ration (THR) के रूप में Micronutrient Fortified Food और/या Energy Dense Food की आपूर्ति का उल्लेख है।
Take Home Ration (THR) क्या है?
Take Home Ration यानी THR ऐसी पोषण सहायता है जिसमें पात्र लाभार्थी को निर्धारित पोषण खाद्य सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है।
इसका उद्देश्य यह है कि लाभार्थी को आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलने वाली सेवाओं के अलावा घर पर भी निर्धारित पोषण सहायता प्राप्त हो सके।
2026 में झारखंड महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने SNP और किशोरी बालिकाओं से संबंधित योजना के अंतर्गत THR के लिए Micronutrient Fortified Food और/या Energy Dense Food की आपूर्ति से संबंधित आदेश जारी किया है।
Micronutrient Fortified Food क्या होता है?
Micronutrient Fortified Food ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों को निर्धारित मानकों के अनुसार शामिल किया जाता है।
इनका उद्देश्य भोजन की पोषण गुणवत्ता को बढ़ाना होता है।
ऐसे पोषक तत्व बच्चों तथा महिलाओं के स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
Energy Dense Food क्या होता है?
Energy Dense Food ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें अपेक्षाकृत कम मात्रा में अधिक ऊर्जा उपलब्ध कराने की क्षमता होती है।
पूरक पोषण कार्यक्रम में ऐसे खाद्य पदार्थों का उपयोग लाभार्थियों की पोषण जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से किया जा सकता है।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस कार्यक्रम के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं।
1. कुपोषण कम करना
बच्चों में पोषण की कमी को कम करने के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराना।
2. बच्चों का विकास
बच्चों के शारीरिक विकास और स्वस्थ वृद्धि में सहायता करना।
3. महिलाओं का पोषण
गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करना।
4. पोषण जागरूकता
परिवारों को संतुलित भोजन और पोषण के प्रति जागरूक करना।
5. आंगनबाड़ी को मजबूत करना
आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों और महिलाओं तक पोषण सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनाना।
झारखंड में आंगनबाड़ी से पोषण कैसे मिलता है?
यदि आपका परिवार आंगनबाड़ी की पात्र लाभार्थी श्रेणी में आता है तो सबसे पहले अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
प्रक्रिया
Step 1: अपने गांव/वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र की जानकारी लें।
Step 2: आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क करें।
Step 3: अपना नाम और परिवार की जानकारी उपलब्ध कराएं।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज या लाभार्थी संबंधी जानकारी दें।
Step 5: संबंधित पंजीकरण/सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू पोषण सेवा प्राप्त करें।
Step 6: यदि पात्र लाभार्थी को निर्धारित पोषण सामग्री नहीं मिल रही है तो संबंधित महिला पर्यवेक्षिका, CDPO या विभागीय शिकायत व्यवस्था से संपर्क किया जा सकता है।
कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?
लाभार्थी का पंजीकरण और स्थानीय प्रक्रिया अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी मांगी जा सकती है:
- आधार कार्ड
- बच्चे का विवरण
- माता-पिता/अभिभावक की जानकारी
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी, जहां लागू हो
- गर्भवती महिला के मामले में संबंधित स्वास्थ्य/पंजीकरण विवरण
- आंगनबाड़ी पंजीकरण से संबंधित जानकारी
ध्यान दें: सभी दस्तावेज प्रत्येक लाभार्थी के लिए अनिवार्य हों, यह जरूरी नहीं है। स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से वर्तमान दस्तावेज सूची की पुष्टि करें।
पूरक पोषाहार और आंगनबाड़ी में क्या अंतर है?
| विषय | पूरक पोषाहार कार्यक्रम | आंगनबाड़ी |
|---|---|---|
| क्या है? | पोषण सहायता कार्यक्रम | सेवा प्रदान करने वाला केंद्र |
| मुख्य उद्देश्य | अतिरिक्त पोषण देना | बच्चों/महिलाओं के लिए विभिन्न सेवाएं |
| माध्यम | भोजन/THR आदि | आंगनबाड़ी केंद्र |
| लाभार्थी | पात्र लाभार्थी | निर्धारित आंगनबाड़ी सेवा लाभार्थी |
| विभाग | महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा | महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा |
सरल भाषा में समझें तो आंगनबाड़ी केंद्र सेवा का माध्यम है और पूरक पोषाहार उसमें शामिल महत्वपूर्ण पोषण सेवा है।
झारखंड में पोषण 2.0 क्या है?
Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के अंतर्गत आंगनबाड़ी और पोषण से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
झारखंड सरकार की 2026 की विभागीय सूचना में इसी मिशन के तहत SNP और Take Home Ration से संबंधित व्यवस्था का उल्लेख है।
झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी पोषण सुरक्षा को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया है तथा 6,000 से अधिक मौजूदा आंगनबाड़ी केंद्रों को Saksham Anganwadi के रूप में उन्नत किए जाने की जानकारी दी गई है।
अगर आंगनबाड़ी से पोषाहार नहीं मिले तो क्या करें?
यदि पात्र लाभार्थी को निर्धारित पोषण सहायता नहीं मिल रही है तो सबसे पहले:
- आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क करें।
- संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की महिला पर्यवेक्षिका से बात करें।
- संबंधित CDPO कार्यालय में शिकायत करें।
- जरूरत पड़ने पर जिला स्तर के महिला एवं बाल विकास कार्यालय से संपर्क करें।
- विभागीय शिकायत/संपर्क माध्यम का उपयोग करें।
शिकायत करते समय लाभार्थी का नाम, आंगनबाड़ी केंद्र, गांव/वार्ड और समस्या की स्पष्ट जानकारी देना उपयोगी रहेगा।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम और कुपोषण
पूरक पोषाहार कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पोषण की कमी से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायता करना है।
झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बच्चों में stunting, underweight, wasting और anaemia जैसे पोषण संकेतकों को महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में दर्ज किया गया है। सर्वेक्षण में 6–59 महीने के बच्चों में anaemia का स्तर 67.5% बताया गया है।
इसी कारण आंगनबाड़ी, पोषण 2.0 और अन्य पोषण कार्यक्रमों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम 2026 के महत्वपूर्ण बिंदु
- कार्यक्रम आंगनबाड़ी आधारित पोषण व्यवस्था से जुड़ा है।
- यह Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के अंतर्गत संचालित पोषण सेवाओं से संबंधित है।
- पात्र लाभार्थियों को निर्धारित पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- कुछ श्रेणियों में Take Home Ration की व्यवस्था होती है।
- THR में Micronutrient Fortified Food और/या Energy Dense Food शामिल हो सकता है।
- 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए Hot Cooked Meal की व्यवस्था का झारखंड सरकार के आधिकारिक संकल्प में उल्लेख है।
- स्थानीय स्तर पर लाभार्थी और वितरण संबंधी प्रक्रिया की पुष्टि आंगनबाड़ी केंद्र से करनी चाहिए।
पूरक पोषाहार कार्यक्रम झारखण्ड से जुड़े महत्वपूर्ण Links
झारखंड महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग:
Official WCD Department Jharkhand
झारखंड सरकार:
Jharkhand Government Official Portal
आंगनबाड़ी/पोषण से संबंधित विभागीय सूचनाएं:
WCD Department Latest Documents
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- Poshan 2.0 Jharkhand
इस तरह आपके Ration + Food Security + Women & Child Development + Nutrition के बीच मजबूत topical cluster तैयार होगा।
FAQ – पूरक पोषाहार कार्यक्रम झारखण्ड
1. पूरक पोषाहार कार्यक्रम झारखण्ड क्या है?
यह आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ी पोषण सहायता व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जाता है।
2. पूरक पोषाहार कार्यक्रम किस विभाग के अंतर्गत आता है?
यह झारखंड के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से संबंधित है।
3. Take Home Ration क्या है?
Take Home Ration यानी THR के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित पोषण खाद्य सामग्री घर ले जाने के लिए उपलब्ध कराई जाती है।
4. क्या बच्चों को आंगनबाड़ी में गर्म भोजन मिलता है?
झारखंड सरकार के आधिकारिक संकल्प में 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर Hot Cooked Meal की व्यवस्था का उल्लेख है।
5. पूरक पोषाहार कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने और पोषण संबंधी समस्याओं को कम करने में सहायता करना है।
6. पोषाहार नहीं मिलने पर शिकायत कहां करें?
सबसे पहले आंगनबाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षिका या संबंधित CDPO कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। आवश्यकता होने पर जिला स्तर के विभागीय कार्यालय में शिकायत की जा सकती है।
7. क्या Take Home Ration सभी लोगों को मिलता है?
नहीं। THR निर्धारित पात्र लाभार्थी श्रेणियों और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दिया जाता है।
8. पूरक पोषाहार कार्यक्रम 2026 की जानकारी कहां मिलेगी?
नवीनतम आदेश और सूचनाओं के लिए झारखंड महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखना सबसे उचित है।
निष्कर्ष
पूरक पोषाहार कार्यक्रम झारखण्ड बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों तक पोषण सहायता पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है। आंगनबाड़ी केंद्र इसके क्रियान्वयन का प्रमुख माध्यम हैं और Take Home Ration, Hot Cooked Meal तथा अन्य पोषण सेवाएं लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
लाभार्थी को अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क करके वर्तमान पात्रता, पंजीकरण और उपलब्ध पोषण सेवा की जानकारी लेनी चाहिए। 2026 में झारखंड सरकार की विभागीय सूचनाओं में SNP और THR से संबंधित व्यवस्थाएं सक्रिय रूप से दर्ज हैं।
नोट: पोषाहार की मात्रा, खाद्य सामग्री, लाभार्थी श्रेणी और वितरण प्रक्रिया समय-समय पर सरकारी आदेश के अनुसार बदल सकती है। इसलिए अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक विभागीय सूचना को प्राथमिकता दें।